मंदिरों के नष्ट होने के अलग अलग कारण सामने आ रहे हैं।
एक भूकंप तो दूसरा इनहें किसी के द्वारा ध्वस्त करना माना जा रहा है लेकिन तकनीकी कारण से इनकी नींव कमजोर होना है। इन मंदिरों के पत्थरों को चिपकाने के लिये चूने या किसी अन्य मसालों का उपयोग नहीं किया गया है। इनकी नींव दो मीटर ही गहरी थी।
एसपीए ने आशापुरी के 26 में से तीन मंदिरों का मूल डिजाइन
भी तैयार कर लिया है। यह मंदिर पांच, बाहर और सत्रह नंबर के हैं।
हालांकि विशाखा कावथेकर का कहना है कि ज्यादातर पत्थर नहीं
मिलने के कारण बाकी मंदिरों का डिजाइन तैयार करना थोड़ा











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